जो भोले तू भी बदल गया कसम से

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तकदीर बदल ती देखि है इंसान बदल ते देखे है,

वो बदले रिश्ते नाते यार भगवान बदल ते देखे है,

मेरा सब कुछ बदल गया बाबा मैं किस दर जाऊ आज,

जो भोले तू भी बदल गया कसम से मैं मर जाउगा,

तू तो बाबा आस मेरी तू तो है विश्वाश ये,

तू ही उम्मीद मेरी तू तो बाबा आसरा रे

संसार बदल ते देख्या है वहवार बदल ते देख्या है,

जब पैसा पास नहीं होता परिवार बदल ते देख्या है ,

मेरा सब कुछ बदल गया बाबा मैं किस दर जाऊ आज,

जो भोले तू भी बदल गया कसम से मैं मर जाउगा,

जोर नहीं चलता मेरा कुछ तो भोले बोल दे,

आंख बंद करके बेठ्या अब तो नैना खोल दे,

मने रत बदल ती देखि है मने दिन बदल ते देखे है,

मने बात बदल ती देखि है मैंने मन बदल ते देखे है,

मेरा सब कुछ बदल गया बाबा मैं किस दर जाऊ आज,

जो भोले तू भी बदल गया कसम से मैं मर जाउगा,

फ़ोकट में को न मांगू तेरा गुण गऊ सु,

स्वान के महीने में तेरी कावड़ लाऊ सु,

मैं कख बदल ते देख्या है कलाकार बदल ते दिखाया है,

तेरा चेला ख़ास बामन का रामावतार बदल ते देख्या है,

मेरा सब कुछ बदल गया बाबा मैं किस दर जाऊ आज,

जो भोले तू भी बदल गया कसम से मैं मर जाउगा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।