पहाड़ो पे रेहन बसेरा है तने पूजे दुनिया सारी है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरी भगति है तेरी शक्ति है,

तेरी जग में महिमा प्यारी है,

पहाड़ो पे रेहन बसेरा है तने पूजे दुनिया सारी है,

सब से आगे भगत तेरा बम बम का शोर मचाने में,

ला दे गेड़ा डमरू वाले कदे मेरे हरयाणे में,

नील कंठ महादेव तेरी ये छवि गजब की प्यारी है,

पहाड़ो पे रेहन बसेरा है तने पूजे दुनिया सारी है,

विश का प्याला पिया तने तेरी जटा में गंगा बहती है,

तेरे नाम की भुटटी पिया करू मेरे धुन मस्ती सी रहती है,

तेरी भांग की मने स्पेशल घोड़े ला रही इक क्यारी है,

पहाड़ो पे रेहन बसेरा है तने पूजे दुनिया सारी है,

चावे दर्शन संजय गौतम भरदो सिर पे हाथ मेरे

दया तेरी होगी मेरे पे लिजवानियो जो साथ मेरे

परवीन पराशर भगत तेरा कविता ही मन को भा रही है,

पहाड़ो पे रेहन बसेरा है तने पूजे दुनिया सारी है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।