डम डम डमरू भाजे भुत प्रेत की टोली नाचे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

डम डम डमरू भाजे भुत प्रेत की टोली नाचे,

भसम रमाये ोहड़ दानी महफ़िल सजी वीराने में,

भोला नाचे मलंग मसाने में,

नर कंकालों की बस्ती में उड़े धुआँ बस धुआँ धुआँ,

पे गये चिलम पे चिलम दे गंबर देखो कितना मस्त हुआ,

भांग धतूरा खाये भोला भांग भरी पैमाने में,

भोला नाचे मलंग मसाने में,

अनुपम मोहित विनय करे है,

तुम सा कौन ज़माने में,

भोला नाचे मलंग मसाने में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।