संकट में है अब गोपाल तेरा गोवंश पुकारे रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

संकट में है अब गोपाल तेरा गोवंश पुकारे रे,

दुष्टों से बचा लो प्राण तेरा गोवंस पुकारे रे,

संकट में है अब गोपाल तेरा गोवंश पुकारे रे,

जब जब भी विपदा पड़ी जगत पर ले अवतार बचाया,

कैसे ब्यान हो मेरी कहानी मुझको तो मूक बनाया,

मुझे आके बचा लो न तेरा गो वंश पुकारे रे,

संकट में है अब गोपाल तेरा गोवंश पुकारे रे,

मेरा मॉस और चरबी चमडा सब वपार बना है,

हार गई है चीखे हमारी तू सरकार कहा है,

अब सुन लो करूँ पुकार तेरा गो वंश पुकारे रे,

संकट में है अब गोपाल तेरा गोवंश पुकारे रे,

माँ कहते जो वो ही कहानियां मेरा वध करवाए,

जब तक दूध मेरा फिर बोली मेरी लगाये,

अपनों में फसी है मेरी जान तेरा गो वंश पुकारे रे,

संकट में है अब गोपाल तेरा गोवंश पुकारे रे,

बन कर के ग्वाल गोपाल कन्हियाँ फिर से आना होगा,

कट टी गाऊये तुम्हे पुकारे आन बचाना होगा,

अब धीर का रख लो मान तेरा गो वंश पुकारे रे,

संकट में है अब गोपाल तेरा गोवंश पुकारे रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।