मन्दिर वैष्णो दा आ आया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

चढ़ जा चढ़ाइया नु जैकारा बोल के

मन्दिर वैष्णो दा आ आया

वैष्णो दा आ आया मन्दिर वैष्णो दा आ आया

बाण गंगा विच पहले नहाओ

तन और मन नु शुद्ध बनाओ

पहले पौडी चढ़ जो जैकारा बोल के

मन्दिर........

पहले पहले दर्शन मैया जी दे पाये

जगदम्बे ने जिथे पैर जमाये

चरन पादुका खोल दो जैकारा बोल के

मन्दिर........

दुजा दर्शन आदकवारी

मैया जी ने किती ऐथे शेर सवारी

गरवजून लन्जो जैकारा बोल के

मन्दिर.........

हाथी मथे दी कठिन चढ़ाई

सांझी छत हुन सामने आई

पर्वता नु चीर दो जैकारा बोल के

मन्दिर..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।