सांवरे को दिल में बसा के तो देखो

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरे को दिल में बसा के तो देखो

दुनिया से मन को हटा के देखो

बड़ा ही दयालु है बांके बिहारी

इक बार वृन्दावन आ करके तो देखो

बांके बिहारी भक्तों के दिलदार

सदा लुटाते हैं कृपा के भण्डार

मीरा ने जैसे गिरिधर की पाया

प्याला ज़हर का अमृत बनाया

मीरा सी हस्ती मिटा कर तो देखो

इक बार वृन्दावन आ कर के देखो

कोई तन दुखी कोई मन दुखी

कोई धन बिन रहे उदास

थोड़े थोड़े सब दुखी,

सुखी राम के दास

तेरी पल में झोली वो भर देगा

दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा

चौखट पे दामन फैला कर तो देखो

बस, इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो

‘चित्र विचित्र’ का तो बस यही कहना

प्रभु चरणो से कही दूर नहीं रहना

जिंदगी यह बंदगी में मिटा कर तो देखो

इक बार वृन्दावन आ कर के देखो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।