काह तो दूरियां बनाइयाँ मेरे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

काह तो दूरियां बनाइयाँ मेरे श्याम तेरी मेरी इक गल सी,

काहतो सोचा विच पाया मेरे शयम काहतो कमली बनाया मेरे श्याम,

के तेरी मेरी इक गल सी,

काह तो दूरियां बनाइयाँ मेरे श्याम

जिंदगी नु वेख मेरी वेख मेरे प्यार नु,

भूल गयो श्याम तू ते किते इकरार नु,

कातो सोचा विच पाया मेरे श्याम,

के तेरी मेरी इक गल सी,

रूखी मिसि देवी भावे नाल तेरे रहना ए,

श्यामा मेरे प्यार वाला मूल कदो पैना है,

सारे लोकि मैनु दें दुहाइयाँ,

के तेरी मेरी इक गल सी,

साहा दे विच नाम पेया बोल्दा,

छड़ रवि फौजी कातो दुखड़े फालोल दा,

कातो तुलसी दी छड़ गयो बांह,

के तेरी मेरी इक गल सी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।