यहा राम जन्मे मंदिर वही पे बनायेगे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

देखि भगवे की शान जिसने सदमे में वो है,

तभी तो सारी दुनिया राम के कदमो में है,

साथ है संकट मोचन संकट सारे मिटायेंगे,

यहा राम जन्मे मंदिर वही पे बनायेगे,

जिस दिन भगवा आतंकी बने हम उस दिन भगवा ही भगवा रहे गा,

है अवध भूमि मेरे रघुवर की खुल के हर कोई ये बस कहे गा,

वक़्त जो आया सीना तान के गोली खायेगे,

यहा राम जन्मे मंदिर वही पे बनायेगे,

हिन्दुओं अपनी आँखे तो खोलो राम की हाल पे कुछ तो बोलो,

अब उठा लो तलवारे हाथो में सारे हिन्दू अब तो एक हो लो,

कहे अर्जुन प्रेम अवध में भगवा फिर लहराये गे,

यहा राम जन्मे मंदिर वही पे बनायेगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।