ऊचे पहाड़ो पे बाबा का धाम निराला है

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ऊचे पहाड़ो पे बाबा का धाम निराला है,

अमरनाथ जो गया है भगतो किस्मत वाला है,

कठिन राह है रहते यहाँ पे मेरे बाबा बर्फानी,

जो भी जाता दर्शन देते उसको जग के कल्याणी,

सच कहती हु खुलता वह पे किस्मत का ताला है,

अमरनाथ जो गया है भगतो किस्मत वाला है,

महादेव के नाम से बड़ा दूजा कोई नाम नहीं,

अमरनाथ जी धाम से बढ़कर जग में कोई धाम नहीं,

पूजा कहती है मेरे मन में शिव का शिवालया है,

अमरनाथ जो गया है भगतो किस्मत वाला है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।