गाये काटेगा जो उसका काटेंगे हम

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

गौ हत्यारे मरे गे सारे ना देंगे धमकी न डांटे गे हम,

गाये काटेगा जो उसका काटेंगे हम,

हिन्दुओ की आस्था से खेल खेला जाता है,

राजीनीति की मिली भगत से कट ती गौ माता है,

गौ हत्या रोके गे हथ्यारो को ठोके गे,

छे इंच ऊपर से झांटे गे हम,

गाये काटेगा जो उसका काटेंगे हम,

आज मोहित साई करता खुलम खुला घोषणा,

पीछे न ये कदम हटेंगे काल भी चाहे हो खड़ा,

जो रक्शा फर्ज है दूध का जो कर्ज है,

जिन्दा ही धरती में बांटे गे हम,

गाये काटेगा जो उसका काटेंगे हम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।