लगाई जा सुट्टा भोले जी के नाम का लगाई जा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

उठाई जा उठाई जा भोले बाबा जी की कावड़ उठाई जा,

लगाई जा लगाई जा लगाई जा सुट्टा भोले जी के नाम का लगाई जा,

हरिद्वार से कावड़ लेकर जो भी पैदल आये,

शिव शंकर की भगति में वो अपना नाम लिखाये,

झुकाई जा झुकाई जा शीश भोले के चरणों में झुके जा,

उठाई जा उठाई जा भोले बाबा जी की कावड़ उठाई जा,

जगह जगह पर लगे हुए है भोले के भंडारे,

जो भी करते कावड़ सेवा भोले को वो प्यारे,

पिलाई जा पिलाई जा लौटे भर भर भांग पिलाई जा,

उठाई जा उठाई जा भोले बाबा जी की कावड़ उठाई जा,

केवल मांगे किरपा शिव की अर्जी कंठ लगाये

महादेव हरिद्वार भूलना जब भी सावन आये,

बजाई जा बजाई जा हथ कावड़िया दी जे भजाई जा,

उठाई जा उठाई जा भोले बाबा जी की कावड़ उठाई जा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।