साडी सुनले वे सैयां फर्याद

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

साडी सुनले वे सैयां फर्याद वे साइयाँ तेरा की जावेगा,

साडी सुनी न कोई जे गल बात ये बच्चा तेरा रूल जावेगा,

साडी सुनले वे सैयां फर्याद वे साइयाँ तेरा की जावेगा

मेरी वारि साइयाँ आँखा क्यों ने फेरियां,

फेर ाइयाँ क्यों ने कलाइयां हनेरियाँ,

कर मेहरा वाली साइयाँ बरसात के वे साइयाँ तेरा की जावेगा,

साडी सुनी न कोई जे गल बात ये बच्चा तेरा रूल जावेगा,

तेरे हुन्दियां हनेर क्यों छाया है तनु जरा भी तरस न आया है,

साडी सुन ले वे साइयाँ अरदास वे साइयाँ तेरा की जावेगा,

साडी सुनी न कोई जे गल बात ये बच्चा तेरा रूल जावेगा,

साहनु भूल गाइयो दस करतार क्यों बेहड़ी छड़ गियो अध विच कार क्यों,

कदो होने चंगे साढे हालात वे साइयाँ तेरा की जावेगा,

साडी सुनी न कोई जे गल बात ये बच्चा तेरा रूल जावेगा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।