मेला खाटू दा आउंदा ग्यारस नाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेला खाटू दा आउंदा ग्यारस नाल

प्रेमी नचदे रे करते खुशिया नाल

मेला खाटू दा

जग नालो सोना खाटू वाले दा द्वारा जित्थे आके सारे शीश ने झुकाउडे

चढ़ तेरहा सीढही बने बिगड़ी तक़दीर ता ही आ के सारे दुखड़े सुनाउंडे

झूम झूम सारे प्रेमी हाज़री लगाउंडे ताहि रीझ के तू करता कमाल

मेला खाटू दा आउंदा ग्यारस नाल

प्रेमी नचदे रे करते खुशिया नाल

मेला खाटू दा

सारे पासे लगे जय श्री श्याम दे जयकारे नाल हारे का सहारा सब बोलदे

करदे ने कीर्तन वांगु भक्त आलू सिंह दर नचदे ने सारे श्याम प्यारे दे

बल्ले बल्ले होगी सारे मेले विच देखो श्याम प्यारे ने कित्ता ऐ कमाल

मेला खाटू दा आउंदा ग्यारस नाल

प्रेमी नचदे रे करते खुशिया नाल

मेला खाटू दा

रींगस तो ले नीसान जेडा वी प्रेमी तेरे दर आके शीश झुकाउंदा

कष्ट क्लेश ओहदे सारे हर लैंदा बिगडी तक़दीर बनाउँदा

मंगदा ऐ खेरा खाटू वाले कोलो मोहित

नाले गऊदा ऐ मोहित विच ताल

मेला खाटू दा आउंदा ग्यारस नाल

प्रेमी नचदे रे करते खुशिया नाल

मेला खाटू दा

Lyrics & singer - ladla mohit 9628658621

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।