जब से मैं खाटू आया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब से मैं खाटू आया,तेरा प्यार मैंने पाया

जो भी है मैंने चाहा,तेरे दर से श्याम पाया

लहरों में नाव बनकर,धूप में छाँव बनकर

तूने दिया सहारा,हर मोड़ पे है आकर

लड़खड़ाया जब भी बाबा,

तूने मुझे संभाला........

गर्दिश के दिन थे बाबा,ना कोई था सहारा

ना कोई भी खुशी थी,ना कोई था हमारा

अंधेरो में उजाला,

मेरे श्याम ने दिखाया.....

जिसने तुझे पुकारा,उसको ही तूने तारा

तेरे दर से जो मिला है,जाने सारा ज़माना

जय कौशिक जहाँ में,

देव यही निराला.....जब से मैं....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।