दर पे आया जी सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दर पे आया जी सांवरिया माहरा भाग जगा दे रे,

नाव भवर में अटकी परली पार लगा दे रे,

दर पे आया जी सांवरिया माहरा भाग जगा दे रे.,

किस्मत के ताले की चाभी थारे पास बताई जी,

अपनी जान संवारा टाली आज लगा दे रे,

दर पे आया जी सांवरिया माहरा भाग जगा दे रे.,

सेठा का है सेठ संवारा दुनिया तने बतावे जी,

खोल खजाना श्याम धनी माहरा आज लुटादे रे भाग जगा दे रे,

दर पे आया जी सांवरिया माहरा भाग जगा दे रे.,

नजर पसार देखली दुनिया खासम कोई देव नहीं,

सुन विनती सेवकियाँ की बस बात बनादे रे भाग जगा दे रे,

दर पे आया जी सांवरिया माहरा भाग जगा दे रे.,

मार्त दत्त श्याम सूंदर बिन जी नहीं लागे इक घडी,

बड़ा दयालु श्याम धनी दर्शन दिख ला दे रे,भाग जगा दे रे,

दर पे आया जी सांवरिया माहरा भाग जगा दे रे.,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।