भगता के सागे कीर्तन में खाटू वालो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

!! भगता के सागे कीर्तन में खाटू वालो !!

भगता के सागे कीर्तन में, खाटू वालो नाच रहयो..२

ठुमक - ठुमक कर बड़ा चाव से, बाबो घुमर घाल रहयो

भात भात का इतर लगाकर, श्याम धनि इतरावे..२

धीरे धीरे कदम मिलाकर, ताल से ताल मिलावे..२

स्वर्ग से सुन्दर बण्यो नजारो..२, हिवडे श्याम समाए रहयो

मोर छड़ी हाथा में लेकर, श्याम धनि खुद चाले..२

भगता रा मनड़ारि बाता, खाटू वालो बाचे..२

नजर उतारो श्याम प्रभु की..२, चाँद दूज को लाग रहयो

सगला मिलकर सेवा करलो, जनम जनम सुधरेला..२

दुनिया थाने जाने सगली, श्याम न जो पूजेला..२

जीवन करदो श्याम हवाले..२, बाबो हेलो मार रहयो

श्याम को कीर्तन जो करवावे, वो साचो बड़ भागी..२

दुनिया चाले लारा बिके, श्याम प्रीत जो लगी..२

दिपु म्हारा श्याम को डंको..२, चार कूट में बाज रहयो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।