लो सत जुलाई आया गुरु जी दा जन्मदिन है

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

लो सत जुलाई आया गुरु जी दा जन्मदिन है,

सारे संगता नु होण वधाईयां गुरु जी दा जन्मदिन है,

लो सत जुलाई आया गुरु जी दा जन्मदिन है,

अस्मा तो इक नूर गिरया माता सुरजीत जी दी झोली भरया,

पिता मसा राम जी दा लाडला ओ दुगरी नु इक चन मिलियाँ,

एहना प्यारा प्यारा चन पाया,गुरु जी दा जन्मदिन है,

सारे संगता नु होण वधाईयां गुरु जी दा जन्मदिन है

जग दे दुःख दूर करण लइ साढ़े विच आये संत कोई,

लखा लोगा दे दुःख दूर करदे हूँ कोई कष्ट न दुःख कोई,

ऐसी सुख दियां बरीशा करदे गुरु जी दा जन्मदिन है,

सारे संगता नु होण वधाईयां गुरु जी दा जन्मदिन है

किना प्यारा प्यारा सवरूप गुरु जी दिल सदा मोह लेंदा गुरु जी,

दिल दियां आवाजा नु सुन सुन के होले होले मुस्कानदे गुरु जी,

सब दिल दियां मुरादा पाउंदे गुरु जी दा जन्मदिन है,

सारे संगता नु होण वधाईयां गुरु जी दा जन्मदिन है

संगता दे मुखड़े ते नूर देखो गुरु जी दा प्यारा प्यारा रूप देखो,

खुशियां ेहनियाँ बरस रहियाँ कितनो नस दे हूँ देखो,

आज संगता रल मिल नच्दे गुरु जी दा जन्मदिन है,

सारे संगता नु होण वधाईयां गुरु जी दा जन्मदिन है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।