॥ पावन पाठ ॥
लीले घोड़े रा असवार श्याम थाने याद करा,
ओ महारा ये ही पालनहार श्याम थाने याद करा,
कीर्तन की ये रात है प्यारी भीड़ हुई देखो भारी,
दर्शन करने दूर दूर से आया नर और नारी,
सेह के मनमा हरष अपार श्याम थाने याद करा,
अलबेलो दरबार आप को,
आज सजो अति प्यारो,
रतन शृंगासन आन विराजो तरसे मनड़ो माहरो,
माहरी अर्ज करो स्वीकार,श्याम थाने याद करा,
नीले रा असवार सांवरियां मत न देर लगावो,
भोला भाला प्रेमा ने सांवरियां मत अजमावो,
थारी जीत हुई माहरी हार,
श्याम थाने याद करा,
जग मग ज्योत जगी सांवरियां जग में हुयो उजयारो,
में तो थारा बन कर बाबा पकड़ो थारो द्वारा,
नंदू करवा जान पिछाण श्याम थाने याद करा,