श्री राम लिखे तो मिटे कैसे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

श्री राम लिखे तो मिटे कैसे भगवान् लिखे तो टले कैसे,

पानी की नाव पानी में चले,

जब रेट मिले तो चले कैसे,

श्री राम लिखे तो मिटे कैसे भगवान् लिखे तो टले कैसे,

कपडा जो फ़टे दरजी से सिले,

हिरद जो फटे तो सिले कैसे,

श्री राम लिखे तो मिठे कैसे भगवान् लिखे तो टले कैसे,

छानी जो गिरे धरती पर रुके,

आकाश गिरे तो रुके कैसे,

श्री राम लिखे तो मिठे कैसे भगवान् लिखे तो टले कैसे,

ये तन जो जले मरघट में भुजे,

अगनी विरहा की भुजे कैसे,

श्री राम लिखे तो मिठे कैसे भगवान् लिखे तो टले कैसे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।