दुख में मत घबराना पंछी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दुख में मत घबराना पंछी,ये जग दुःख का मेला है,

चाहे भीड़ भड़ी अम्बर पर उड़ना तुझे अकेला है,

नन्हे कोमल पंख ये तेरे और गगन की ये दुरी,

बैठ गया तो कैसे होगी मन की अभिलाषा पूरी,

उसका नाम अमर है जग में जिसने संकट खेला है

चाहे भीड़ भड़ी अम्बर पर उड़ना तुझे अकेला है,

चतुर शिकारी ने रखा है जाल बिछा कर पग पग पर,

फस मत जाना भूल से पगले पश्तायेगा जीवन भर,

मोह माया में तू मत फसना बड़ा समज का खेला है,

चाहे भीड़ भड़ी अम्बर पर उड़ना तुझे अकेला है,

जब तक सूरज आसमान पर बढ़ता चल तू बढ़ता चल,

गिर जायगे अन्धकार जब बड़ा कठिन हो गा पल पल,

किसे पता की उड़ जाने की आ जाती कब वेला है,

चाहे भीड़ भड़ी अम्बर पर उड़ना तुझे अकेला है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।