आज भूखा न सोये कोई

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय सिया राम सिया राम जय जय राम,

जय जय राम सिया राम सिया राम जय जय राम,

बड़े मंगल का दिन आया भंडारे में जाना है,

आज भूखा न सोये कोई सब को भोजन कराना है,

बड़े मंगल का दिन आया भंडारे में जाना है,

किरपा करे गए हनुमंत,बदले गे मेरी किस्मत ,

जिस पर नजर है करते जीवन हो जाये जन्नत,

महिमा तो महावीर की सारी दुनिया ने माना है,

आज भूखा न सोये कोई सब को भोजन कराना है,

बड़े मंगल का दिन आया भंडारे में जाना है,

शुभ दिन है आज आया मन में उमंग लाया,

परशाद पा के देखो सब का मन हरषाया,

विवेक और कुलदीप का मुझे गंगा बजाना है,

आज भूखा न सोये कोई सब को भोजन कराना है,

बड़े मंगल का दिन आया भंडारे में जाना है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।