मन्ने दर्शन देदे हनुमान बहुत दुःख पा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मन्ने दर्शन देदे हनुमान बहुत दुःख पा लिया,

मेहंदीपुर की गली गली में तने घुंडता फिर गया,

सालासर में बाला जी मैं तेरा नाम सुमिर गया,

थोड़ी दया करो ने भगवान बहुत दुःख पा लिया,

मन्ने दर्शन देदे हनुमान बहुत दुःख पा लिया,

तेरे बिना मैं दुःख पाया मेरा और सहारा को न,

दर दर ढके खा लिए किते रहा न बाकी कोना,

मैं तो बहुत धना परेशान बहुत दुःख पा लिया,

मन्ने दर्शन देदे हनुमान बहुत दुःख पा लिया,

तेरा भरोसा मानु था तने भी मुँह मोड़ेया,

तेरे प्यार में रोये जैसू होया गांठ का जोड़ा,

तने अपने भगत का ध्यान बहुत दुःख पा लिया,

मन्ने दर्शन देदे हनुमान बहुत दुःख पा लिया,

अशोक भगत ने भूल गया मजधार डुबोये मत न,

तू बेशक छोड़ से दिये पर मैं ता छोड़ू को न,

तेरा रोज करूगा गुण गान बहुत दुःख पा लिया,

मन्ने दर्शन देदे हनुमान बहुत दुःख पा लिया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।