प्रेम दीवानी मीरा

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रेम दीवानी मीरा के प्रभु भाग ऐसे जागे,

साथ है गिरधर मुरारी और अब क्या मांगे,

तेरा मोहक रूप मोहन इक शन में भा गया,

तू मधुर मुस्कान बन मीरा के मन पर छा गया,

प्रेम दीवानी

वो भू वन में भटकती भाव अश्रू बह रहे,

वो विरहा हर दिसदी संतर श्याम तुझसे कह रहे,

प्रेम दीवानी

श्याम पलकन पर सेहजे आंख को कैसे छपाती,

फिर जगे नैनो में फिर भी कृष्ण के सपने सजाती,

प्रेम दीवानी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।