भरी हुई रस की गगरिया सा मीठा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भरी हुई रस की गगरिया सा मीठा,

सिया राम कहो हरी राम कहो प्रभु राम रे,

प्रीतम की प्रीती विश्वाश लेकर मस्ती से हरी नाम गा,

जन्मो जन्म से सोया हुआ अब अवसर है भाग जगा,

सावन की झम झम बदरियाँ सा प्यारा,

सिया राम कहो हरी राम कहो प्रभु राम रे,

इस युग का मालिक कलयुग कहाये कलयुग का मालिक है नाम,

कल्याण के साध्नो का है राजा पुरे करे सारे काम,

तारो में जैसे है धरुव तारा न्यारा,

सिया राम कहो हरी राम कहो प्रभु राम रे,

आधार प्रभु के चित्रों को कर के जीवन के पथ पर चले,

चूबना नहीं शूल किसी को बन कर के फूल खिले,

सुख दाई फूलो की बागियों के जैसा,

सिया राम कहो हरी राम कहो प्रभु राम रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।