जप ले हरी का तू नाम भोले प्राणी

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जप ले हरी का तू नाम, नाम भोले प्राणी

आएगा बस यही काम, काम भोले प्राणी

कौड़ी कौड़ी माया जोड़ी,

बन कर बैठा सेठ करोड़ी ।

संग चले ना आच्छा दाम, दाम भोले प्राणी

जप ले हरी का तू नाम...

हरी भजन से मन क्यूँ चुराए

काल बुलावा कब आ जाए ।

हो जाए जीवन की श्याम, श्याम भोले प्राणी ।

जप ले हरी का तू नाम...

गर्भ में तूने वादा किया था,

प्रभु चिंतन का इरादा किया था ।

अब तो ले भज सीता राम, राम भोले प्राणी ।

जप ले हरी का तू नाम...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।