आवो गजानंद आप पधारो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - स्वर्ग से सुन्दर सपनो से प्यारा

आवो गजानंद आप पधारो , जोड़ा दोनों हाथ

सफल सारा काम करज्यो , के शिर पे हाथ धरज्यो

एक दन्त दयावंन्त चार भुजा धारी , लड्डूवन का भोग लागे मूसे की सवारी

सबसे पहेली तुझको मनाऐ , गोरी सुत गणराज

शिव के हो प्यारे बाबा मैईया के दुलारे , भक्तो के तुम हो बाबा आँखो के तारे

माँ गोरा के लाल पधारो , रिद्धि सिध्दी के साथ

अष्टविनायक बाबा कष्ट हर लिज्यो , अटक्या है काम बाबा पुरा कर दिज्यो

रिमझिम बरसे प्यार ओ बाबा बोला जयजयकार

संजय तवँर

बिराटनगर नेपाल

0097- 9842030954

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।