आजु मिथिला नगरिया नेहाल सखियाँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया,

चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!

शिश मणी मौरिया, कुण्डल सोहे कनमा,

कारी कारी कजरारी जुलमी नयनमा,

लाल चंदन सोहे इनके भाल सखिया,

चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!

श्यामल-श्यामल, गोरे- गोरे, जोड़ीया जहान रे,

अँखिया ना देखनी सुनलीं ने कान हे

जुगे जुगे, जीबे जोड़ी बेमिसाल सखिया

चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!

गगन मगन आजु, मगन धरतिया,

देखि देखि दुलहा जी के, साँवर सुरतिया,

बाल वृद्ध, नर-नारी, सब बेहाल सखिया

चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!

जेकरा लागी जोगी मुनि, जप तप कईले,

से मोरा मिथिला में पाहुन बन के अईले

आजु लोढ़ा से सेदाई इनके गाल सखिया..

चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।