मीरा देखें राह प्रभु की कब आओगे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मीरा देखें राह प्रभु की कब आओगे श्याम,

कब दोगे अरे दर्शन कही निकल न जाए प्राण,

मीरा देखें राह प्रभु की कब आओगे श्याम

माँ ने दिल बहलाने को था श्याम को दूल्हा बताया,

ऐसी भई दीवानी की तन मन उस पे लुटाया,

श्याम को ही वर मान के जी थी उसने उम्र तमाम,

मीरा देखें राह प्रभु की कब आओगे श्याम

मीरा के इस प्रेम को ये जग था समज न पाया,

गिरधारी का भोग बता विष मीरा को पिलाया,

विष भि हुआ रे अमृत या ये भक्ति का परनाम,

मीरा देखें राह प्रभु की कब आओगे श्याम

सुध बुध थी खोई राज पाठ सब छोड़ा,

बन के जोगन श्याम की बस श्याम से नाता जोड़ा,

श्याम नाम की दीवानी बस बजती श्याम का नाम,

मीरा देखें राह प्रभु की कब आओगे श्याम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।