अपना लाल मोहे दिखादे रे मियां सुन मियां

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अपना लाल मोहे दिखादे रे मियां सुन मियां,

गोकुल धाम में भोले जी आये,

कैसी लीला रचावे जोगियाँ शिव जोगियाँ,

अपना लाल मोहे दिखादे रे मियां सुन मियां

लाल मेरो दर जावेगो जा री जा तू यहाँ से जा जोगियाँ,

अपना लाल मोहे दिखादे रे मियां सुन मियां

शिव जी चले तो रोये कन्हियाँ,

देख लीला चकित मैया यशोदा मियां,

अपना लाल मोहे दिखादे रे मियां सुन मियां

कैसे जादू मेरे कान्हा पे किहनो,

शिव की गोद में मुश्कावे रसियां,

अपना लाल मोहे दिखादे रे मियां सुन मियां

बाल रूप श्याम सूंदर देखो,

प्रशन हुए गोरा के पिया शिव जोगियाँ,

अपना लाल मोहे दिखादे रे मियां सुन मियां

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।