आज दूल्हा बने बम बम भोले आज दूल्हा बनें बम बम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आज दूल्हा बने बम बम भोले आज दूल्हा बनें बम बम

मथे देखो सोहे चंदा और जटा में राजे गंगा,

करने चले है लगन भोले,

आज दूल्हा बने बम बम भोले आज दूल्हा बने बम बम

डम डम डमरू भाजे गले नाग की माला साजे,

जोगी आज मगन भोले भये जोगी आज मगन,

आज दूल्हा बने बम बम भोले आज दूल्हा बने बम बम

चढ़े नाभियां भोले शंकर भुत प्रेत संग नाचे जम कर,

नाचे आज मलंग भोले

आज दूल्हा बने बम बम भोले आज दूल्हा बने बम बम

मस्त मग्न भये मस्त मगन है आज जोगी का चोला चंग है,

झूमे देवी देवता सारे झूमे मुनि मतंग,

आज दूल्हा बने बम बम भोले आज दूल्हा बने बम बम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।