गुरु जी दा जनम दिन आया

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गुरु जी दा जनम दिन आया नि हों वधाईयां,

दिन शगना वाला आया नि हों वधाईयां,

घर घर वजी वधाई संगत नचदी आई ,

खुशियां दे ढोल वजाओ रल मिल नचो गाओ,

नि हों वधाईयां...

साढ़े गुरु जी पालनहार कहोंदे ,

अपने चरना विच बिठाउंदे,

बाह फड़ बेडा पार लगाउँदै,

साढ़े गुरु जी मेहरा वाले गुरु जी,

गुरु जी दा जनम दिन आया नि हों वधाईयां,

बिन मंगाया बिन मंगाया असि पाया,

साहनु भव तो पार लगाया आज दिन कर्मा वाला आया,

मैं वारि जावा जी गुरु जी तो वारि जावा जी,

गुरु जी दा जनम दिन आया नि हों वधाईयां,

घर घर वजी बधाई संगत नचदी आई,

खुशियां दे ढोल वजाओ रल मिल नचो गाओ,

नि होण वधाईयां,

गुरु जी दा जनम दिन आया नि हों वधाईयां,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।