सौन तोह पहले मंगले

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सौन तोह पहले मंगले तेरे सपने पुरे कर देगी

तेरे जागन से पहले माँ तेरी झोली भर देगी,

सौन तोह पहले मंगले तेरे सपने पुरे कर देगी

तेरे दिल दा हाल की होया किवे लोका नु समजाये गा,

जग दिंदा है झूठे लारे धोखा जग तो खाये गा,

झंडे वाली मइयां तेरे सिर उते हथ थर दये गी,

तेरे जागन से पहले माँ तेरी झोली भर देगी,

सौन तोह पहले मंगले तेरे सपने पुरे कर देगी

अम्बे भोली मइयां तनु गोदी विच बिठाये गी,

तेरे हंजू पुंज के मैया तनु लाड लड़ाये गी,

संकट हरनी मइयां तेरी इक चिंता हर लायेगी,

तेरे जागन से पहले माँ तेरी झोली भर देगी,

सौन तोह पहले मंगले तेरे सपने पुरे कर देगी

चंचल मन माँ दा होजा छड़ झूठी दुनिया दारी नु,

तरुण सागर दी गल मन ले तू ध्याले मात प्यारी नु,

दिल तो मना ले माँ नु वर दाती तनु वर देगी,

तेरे जागन से पहले माँ तेरी झोली भर देगी,

सौन तोह पहले मंगले तेरे सपने पुरे कर देगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।