मेरे श्याम की हवेली

पारंपरिक
हनुमान जी भजन खाटू श्याम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम की हवेली बड़ी सुंदर अलबेली

बनवाई है कन्हैया चितचोर चोर ने,

बैठे श्याम प्रभु दिलवाले, देखो कैसे ठाठ निराले

बनवाई है कन्हैया चितचोर ने

मकराने की बनी हवेली दोनो और दीवारी,

गोपीनाथ विराजे दाएं बाएं है त्रिपुरारी,

रे शिखर ध्वजा लहरावे प्यारी,

हो डोडी पर हनुमान विराजे, कर रया रे रखवारी

मैरे श्याम की......

सोने को सिंघासन देखो छत्र लटके न्यारो,

हीरा मोती मानक जड़या लागे प्यारो प्यारो,

रे जया पे बिराजे महारो खाटू वालो

भक्त हिलावे पंखा खड़या ,डोरी रेशम वाली।

मैरे श्याम की.......

रे हेली के पिछवाड़े देखो फुला री फुलवारी,

गेंहू चना बाजरा की है खेती न्यारी न्यारी,

हो लहराती देखो हर डाली,

वीरे गाजर मूली ओर पपीता खेतो में हरियाली।

मेरे श्याम की ......

जय श्री श्याम

बोलो खाटू नरेश की जय

विजय कुमार डिडवानिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।