जब से चढ़ा मैं तेरहा सीढ़ियां बदल गई किस्मत मेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब से चढ़ा मैं तेरहा सीढ़ियां बदल गई किस्मत मेरी,

चमत्कार खाटू वाले है तेरहा सीढियाँ ये तेरी,

जब से चढ़ा मैं तेरहा सीढ़ियां बदल गई किस्मत मेरी,

पाओ रखा पहली सीढ़ी पे चैन मिला दिल को मेरे,

दूसरी सीढ़ी चढ़ ते ही टूट गये दुःख के घेरे,

तीसरी सीढ़ी चढ़ ते भर दे खुशियों से मेरी झोली,

चमत्कार खाटू वाले है तेरहा सीढियाँ ये तेरी,

चौथी सीढ़ी चढ़ा मेरा दिल श्याम वंदना गाने लगा,

पंचमी सीढ़ी दर्श को तेरे मन मेरा ललचाने लगा,

छठमी सीढ़ी व्याकुलता में चढ़ गया नहीं तेरी,

चमत्कार खाटू वाले है तेरहा सीढियाँ ये तेरी,

सात्मी सीढ़ी चढ़ के निकट मैं श्याम प्रभु के आने लगा,

आठवीं सीढ़ी चढ़ ते ही इक अजब नशा सा शाने लगा,

नोवी दसमी सीढ़ी चढ़ा हुई प्रीत श्याम से और गहरी,

चमत्कार खाटू वाले है तेरहा सीढियाँ ये तेरी,

ग्यारवी सीढ़ी चढ़ा नजारा दर का मेरे मन भाया,

बारवी सीढ़ी डाया चढ़ के श्याम प्रभु दर्शन पाया,

चढ़ा जो तेहरवी सीढ़ी कुंदन हुई जिंदगी सुन्हेरी,

चमत्कार खाटू वाले है तेरहा सीढियाँ ये तेरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।