तेरा दीवाना कैसे हुआ संवारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा हमे भी बतादे जरा तेरा दीवाना कैसे हुआ संवारा,

राधे राधे रटे हर घडी वनवरा,

राधा हमे भी बतादे जरा तेरा दीवाना कैसे हुआ संवारा,

तुम ना आये तो यमुना पर आता नहीं,

तुम न हो तो ये बंसी बजाता नहीं,

तेरी पानी सी लसी भी हस के पिये,

हम खिलाये तो माखन भी खाता नहीं,

जादू टोना बता कौन सा है करा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ संवारा

तेरी गलियों के चक्र लगाने लगा,

रोज बरसाने में आने जाने लगा

चूड़ी वाली कभी मेहँदी वाली कभी रूप निश दिन ये बनाने लगा,

दे जवाब आज तू सोल्हा आने खड़ा ,

तेरा दीवाना कैसे हुआ संवारा

कल तलक जो चरण जीत का मीत था,

जो निभाता सदा प्रीत की रीत था,

उसकी बंसी तेरे गीत गाने लगे,

जिसकी धुन में लिखा मैंने हर गीत था,

रह गया प्रेम मेरा धरा का धरा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ संवारा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।