मैं अब ना घोटु भांग

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं अब ना घोटु भांग तेरी अपने पीहर को जाऊगी,

ना तेरे भगल में आउंगी,

तुझको न मेरा ध्यान कति दुःख पावे तेरी पार्वती,

करे नशा बिगड़ रही तेरी मति तेरी अक्ल ठिकाने लाऊंगी,

ना तेरे भगल में आउंगी............

तुझको कहते भोला भाला पर बना पेट का काला,

मेरा दुख पावे गणपत लाला अब चाहे नहीं रुलाओगी,

ना तेरे भगल में आउंगी,.......

तेरे कुण्डी सोटा फोहड़ू गी ना हाथ तेरे अब जोडू गी,

तेरे से नाता तोडू गी अब बिलकुल नहीं मनाऊंगी,

ना तेरे भगल में आउंगी,..............

हारे राम बेंसला समजावे तेरी पारो पीहर जावे,

तेरे भजन शुशीला नित गावे मैं विवा के संग गाऊगी,

ना तेरे भगल में आउंगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।