माई रे मैंने गोविन्द लेनो मोल

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

माई रे मैंने गोविन्द लेनो मोल,

कोई कहे सस्ता कोई कहे महंगा,

लीनो तराजू तोल माये री मैंने लीनो तराजू तोल

माई रे मैंने गोविन्द लेनो मोल,

कोई कहे वन में कोई कहे मन में,

आवत प्रेम की लोर,गोविन्द लेनो मोल,

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,

आवत प्रेम की लोर,गोविन्द लेनो मोल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।