चाहे मंगलवार हो चाहे शनिवार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - देना है तो दिजीऐ जन्म

चाहे मंगलवार हो, चाहे शनिवार

दरबार मे तेरे बाबा होती है जय जयकार,

राम भक्त हनुमान तुम्हारा जग मे डकां बजता है,

सालासर और मेहंदीपुर मे सब के संकट हरता है,

तेरा घर घर मे है मन्दिर, तु संकटमोचनहार,

लाल सिन्दूरी लाता है कोई लाल ध्वजा फहराता है,

लाडू पेडा ओर चूरमा नारियल भेट चढाता है,

तेरे दर्शन करके बाबा करते है जय जयकार,

बेठा है कलियुग मे बाबा भक्तो का रखवाला है,

दुर करे है संकट सबके ये सालासर वाला है,

जो साचें मन से ध्यावे करते है चमत्कार,

संजय तँवर

00977_9842030954

बिराटनगर नेपाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।