सुनले मारी बात कन्हिया सुनले मारी बात

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनले मारी बात कन्हिया सुनले मारी बात

धन दौलत मैं कुछ ना माँगू जोडु दोनो हाथ

साधा सा मोहे खाना देदे उपर घी की धार

लडू पेडा कुछ ना चाहिये रबड़ी लछेदार

कन्हिया सुनले.......

रहने को इक बंग्ला देदे खुमन को इक कार

खूम खाम को घर को आऊ खडे हो नौकर चार

कन्हिया सुनले.........

प्यारा सा इक बेटा देदे बहुत गुणवती नार

पोता तो मोहे ऐसा चाहिये जैसा फुल गुलाब

कन्हिया सुनले........

अपने लिये तो कुछ ना माँगू नो तोले का हार

पहन ओड के दर तेरे आऊ बोलू जय जय कार

कन्हिया सुनले.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।