बेडा पार करो माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अब तो बस माँ सहारा है तेरा,

तेरे इलावा कोई न मेरा,

अपने बेटे की अर्जी स्वीकार करो माँ,

मझधार में है नइया बेडा पार करो माँ,

तेरे साथ के बिना माँ मैं हु अधूरा ,

तू रखडे हाथ सिर पे मैं हो जाउगा पूरा,

हाथ जोड़ के खड़ा हु तुम विचार करो माँ,

मझधार में है नइया बेडा पार करो माँ,

जगत जननी मेरी माता तुम सब जानती हो,

बेटो को दुःख से पल में मियां उभार ती हो,

मेरे ऊपर भी आज उपकार करो माँ,

मझधार में है नइया बेडा पार करो माँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।