कर ले हरि का भजन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कर ले हरि का भजन

क्या है भरोसा इस जीवन का

दो दिन का जीवन, कर ले हरि का भजन

अनमोल जीवन तुझको मिला है

व्यर्थ ना इसको गवां,

सुमिरन कर ले परमेश्वर का, आनंद है ये दवा ,

क्यों है परेशा , माया के पीछे पा ले हरि नाम धन,

हीरे मोती छोड़ के तूने ऐसा काम किया,

झूठी दौलत खूब कमाई पर ना नाम लिया.,

कई जन्म ऐसे, तूने गवाए अब तो लगाले ये मन,

कर ले हरि का भजन

कर ले हरि का भजन

क्या है भरोसा इस जीवन का

दो दिन का जीवन, कर ले हरि का भजन

भजन रचना :

श्रद्धेय श्री बलराम जी उदासी

चकरभाठा बिलासपुर छ. ग.

MOB. - 98271-11399,

70004 - 92179..

धुन : { दिल है कि मानता नहीं..}

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।