चरणो से लिपट जाऊं धूल बन के

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चरणो से लिपट जाऊं धूल बन के,

तेरे बंगले में लग जाऊं फूल बन के ।

तेरी भक्ति की खुशबू उडाता रहूँ,

तेरा पल पल मैं दीदार पाता रहूँ ।

लेहराऊं कटी में फूल बन के,

तेरे बंगले में लग जाऊं फूल बन के ॥

मेरी विनती यही अपना लो मुझे,

बृज का कोई फूल बना लो मुझे ।

आऊं कोई कदम्ब का मूल बन के,

तेरे बंगले में लग जाऊं फूल बन के ॥

तेरे वृन्दाविपिन में पड़ा ही रहूँ,

तेरे दर्शन की जिद्द पे अदा ही रहूँ ।

पड़ जाऊं कालिंदी का फूल बन के,

तेरे बंगले में लग जाऊं फूल बन के ॥

तेरा पागल हूँ तेरा दीवाना हूँ मैं,

आप बगिया और फिर विराना हूँ मैं ।

रहूँ सूक्षम रहूँ या स्थूल बन के,

तेरे बंगले में लग जाऊं फूल बन के ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।