तेरा बन के रवा सेवादार जोगियां

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सोहनी मूर्ति मैं तेरी दूध नाल नहावा,

देशी धी दी ज्योत तेरे दर ते जगावा,

सोहने फुला नाल बुना तेरा हार जोगियां,

तेरा बन के रवा सेवादार जोगियां तेरा बन के,

चंदन दी लकड़ी दे पहुये मैं बनावा गा,

अपने ही हथा नाल पैरी तेरे पावा गा,

आके इक बारी देदे तू दीदार जोगियां,

तेरा बन के रवा सेवादार जोगियां तेरा बन के,

मोरा दे खभ मैं चुन चुन के लै आवा गा,

सोहना जेहा गोटा लाके झंडा मैं बनावा गा,

तेरे मंदिरा नु दवा मैं शृंगार जोगियां,

तेरा बन के रवा सेवादार जोगियां तेरा बन के,

सुण्या मैं सबना दे भाग जोगी खोल्दा,

सोटना दा गोपी भी जैकारे तेरे बोल्दा,

आके सहन पूरी दा बी वेहड़ा तार जोगियां,

तेरा बन के रवा सेवादार जोगियां तेरा बन के,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।