ताश मिल खेलो सांवरियां

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय श्री राधे भलव श्याम ताश मिल खेलो सांवरियां,

जिसमे बादशाह वनवारी जिसमे बेगम राधा प्यारी,

जिसमे दूलो है गिरधारी ताश खेलो सांवरियां,

जय श्री राधे भलव श्याम ताश मिल खेलो सांवरियां,

जिसमे दसी दसो दिशाए जिस में नो की नव दुर्गा है,

जिसमे अठी अष्ट कमल है ताश खेलो सांवरियां,

जय श्री राधे भलव श्याम ताश मिल खेलो सांवरियां,

जिसमे सती सप्तऋषि है जिसमे छगई छे ऋतुएँ है,

जिसमे पंजी पंज तत्व है ताश खेलो सांवरियां,

जय श्री राधे भलव श्याम ताश मिल खेलो सांवरियां,

जिसमे चौकी चार वेद है तीगी तीन लोक है,

जिसमे दूगी चाँद सूरज है ताश खेलो सांवरियां,

जय श्री राधे भलव श्याम ताश मिल खेलो सांवरियां,

जिसमे ईका इक संसार करलो नारायण से प्यार,

यही है इस दुनिया का सार ताश खेलो सांवरियां,

जय श्री राधे भलव श्याम ताश मिल खेलो सांवरियां,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।