साई तेरी शिरडी के कुछ अजब नजारे है

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॥ पावन पाठ ॥

साई तेरी शिरडी के कुछ अजब नजारे है,

बाबा तेरी शिरडी के कुछ अजब नजारे है,

कई लाख वहा पर सूरज है कई लाख सितारे है

साई तेरी शिरडी के कुछ अजब नजारे है,

वाह नीम के मीठे पते है पानी से दीये जलते है,

मंदिर मजिद दोनों ही इक साथ में मिलते है,

धुनि की भभूति ने कई रोग निवारे है,

कई लाख वहा पर सूरज है कई लाख सितारे है

साई तेरी शिरडी के कुछ अजब नजारे है,

साई की समाधि पर जो शीश झुकाता है,

जितना हो भारी संकट पल में टल जाता है,

सभी दीं दुखी के लिये खुले साई के द्वारे है,

कई लाख वहा पर सूरज है कई लाख सितारे है

साई तेरी शिरडी के कुछ अजब नजारे है,

साई अपने चरणों में हम को बी जगह देना,

अजी सूंदर शिरडी में हर साल भुला लेना,

तेरी याद में कितने पल रो रो के गुजारे है,

कई लाख वहा पर सूरज है कई लाख सितारे है

साई तेरी शिरडी के कुछ अजब नजारे है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।