दिल में तुझे बिठाके कर लूंगी मैं बंद आँखें

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिल में तुझे बिठाके कर लूंगी मैं बंद आँखें

पूजा करुँगी तेरी भक्ति करुँगी तेरी

दिल में तुझे बिठाके.............

तेरा ही मुख देख सांवरिया रात को मैं सो जाऊं

भोर भये जब आँख खुले तो तेरा ही दर्शन पाऊं

दुनिया से क्या है लेना तेइ शरण में रहना

पूजा करुँगी तेरी भक्ति करुँगी तेरी

भक्ति में है शक्ति बाबा भक्ति का वर दे दो

दान दिया है अर्जुन को बाबा मुझको भी कुछ दे दो

चरणों में तेरे बैठूं लेकर के नाम तेरा

पूजा करुँगी तेरी भक्ति करुँगी तेरी

मेरे दिल में ओ सांवरिया प्रेम की ज्योत जगा दो

भजन करूँ में सच्चे दिल से विनती मेरी सुनलो

जीवन तुम्ही को अर्पण श्रुति ने कर दिया है

पूजा करुँगी तेरी भक्ति करुँगी तेरी

दिल में तुझे बिठाके.............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।