शिव जी को मन से ध्यावा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मैं शिव खोड़ी में जावा शिव जी को मन से ध्यावा,

शिव जी को मन से ध्यावा शिव के दर्शन पावा रे,

दर्शन करके अपना जीवन सफल बनावा रे,

शिव खोड़ी शंकर भोले के चर्चा जग में भारी,

इसी लिये सारी दुनिया से जाते है नर नारी,

मुझे जरुरी जाना चाहे दुनिया मारे ताना जम्मू टिकट कटवा रे,

दर्शन करके अपना जीवन सफल बनावा रे,

शिव खोड़ी शंकर भोले की चर्चा जग में भारी,

इसी लिये सारी दुनिया से जाते है नर नारी,

मुझे जरुरी जाना चाहे दुनिया मारे ताना जम्मू टिकट कटवा रे,

दर्शन करके अपना जीवन सफल बनावा रे,

शिव की महिमा है न्यारी जो रन सु मैं भंडारी,

शिव खोड़ी की प्यारी सुंदरता है जग से न्यारी,

शिव गंगा जल है न्यारा जिस से तरता जग सारा,

सेहलिंदर संग मैं जावा रे और पुस्पा को संग लेजा मिल के शिव को द्वाया रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।