मेरे साई मेरा रेहबर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे साई मेरा रेहबर मेरे साई मेरा दिलबर मेरे साई मेरी दुनिया मेरे साई,

मेरे साई मेरे सपने मेरे साई मेरे अपने मेरे साई मेरी हस्ती,

मेरे साई मेरा अकबर मेरे साई मेरा शंकर,

मेरे साई मेरी धड़कन मेरे साई मेरा तन मन,

मेरे साई मेरे साई साई,

मेरे साई सास मेरी मेरी साई आस मेरी,मेरे साई मेरी धरती,

मेरे साई मेरा रास्ता मेरे साई मेरी मंजिल मेरे साई यार मेरे,

मेरे साई राम मेरे मेरे साई श्याम मेरे मेरे साई गीत मेरे मेरे साई मीत मेरे,

मेरे साई मेरे साई साई,

मेरे साई ताल मेरे मेरे साई चाल मेरी मेरे साई मेरी रौनक,

मेरे साई मेरा नानक मेरे साई मेरा अल्ल्हा मेरे साई मेरा मौला.

मेरे साई मेरी किस्मत मेरे साई मेरी हसरत मेरे साई मेरे साई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।