हे बांके बिहारी हे कृष्ण मुरारी दर्शन दिखा दो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हे बांके बिहारी हे कृष्ण मुरारी,

दर्शन दिखा दो बिगड़ी बना दो,

मुझे अपने चरणों की दासी बना दो,

फसी हु भवर में पार लगा दो,

हे बांके बिहारी हे कृष्ण मुरारी दर्शन दिखा दो

कंस को मारा मीरा को तारा तुम्ही ने दिया द्रोपती को सहारा,

बने सारथी तुम ही अर्जुन के जाकर हे नाथ मेरी ही किस्मत जगा दो,

हे बांके बिहारी हे कृष्ण मुरारी दर्शन दिखा दो

नरशी भगत का भी मान बचाया,

रामा को तुमने ही पात उड़ाया,

यशोदा के प्यारे हरो दुःख हमारे ,

मेरे भी संकट आ कार मिटा दे,

हे बांके बिहारी हे कृष्ण मुरारी दर्शन दिखा दो

सुदामा के चावल बड़े मन से खाये,

विधुर घर के भोजन में आनंद पाये,

सीता राम हर शन तुम्ही को पुकारे चैन की बंसी मोहन बजा दो,

हे बांके बिहारी हे कृष्ण मुरारी दर्शन दिखा दो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।