भोले चले भोले चले बम बम बम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले चले भोले चले बम बम बम

डारो की डार चले हर हर पुकार चले,

शमभू जय जय कार चले बम बम,

ॐ कुंजा चले हम हम हुंकार चले,

चले बरम बार चले बम बम बम

आस्था के रथ में भोले के पथ में,

कांटे हो या हो रहो पे पत्थर,

भोले के घन है कितने मगन है,

भगति के रस से है थर थर,

मस्तो के झुण्ड है सुन है परचंड है,

हर हर रटे है देखो हर हर,

नाथो के नाथ भी अनाथो के साथ है ऐसे भोले नाथ मेरे हर हर,

डारो की डार चले हर हर पुकार चले,

शमभू जय जय कार चले बम बम,

चिमटा खननक ता डमरू डमक ता,

झांझर मंजीरा ताशे भाजे,

कर पुर गोरा करुणावतार मस्तक पे चंदा विराजे,

शिव की लगन में बाबा के मनन में धुन न कोई और साजे,

नीला नीला रंग है कंठ बुजंग है चोटी में गंगा विराजे,

धरती चुम चुम चले हवा घूम घूम चले पर्वत झूम झूम चले बम बम,

जयदा जो भक भक महादेव की चिपकप सुरति की चाल चले,

भोले चले भोले चले बम बम बम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।